आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत, भारत ने मिडल ईस्ट में युद्ध के चलते ऑयल क्राइसिस के मद्देनज़र प्राकृतिक गैस आपूर्ति की प्राथमिकता में संशोधन किया है। LPG उत्पादन, CNG और कुकिंग गैस पहली प्राथमिकता होगी और इसके बाद उर्वरक उद्योग होगा। चाय उद्योग, मैन्यूफेक्चर व अन्य औद्योगिक उपभोक्ता तीसरी प्राथमिकता होंगे। इसके बाद शहरी गैस वितरण संस्थाओं को प्राथमिकता मिलेगी।