फाइनेंस एक्सपर्ट नेहल मोता के मुताबिक, बच्चों को पॉकेट मनी देने के बजाय '3 जार सिस्टम' अपनाएं और उन्हें खर्चे, सेविंग्स और दान के लिए अलग-अलग तीन जार दें। उन्हें इच्छाओं व ज़रूरतों का फर्क समझाएं, खरीदारी से पहले सामान की कीमत की तुलना करना सिखाएं, खरीदारी से पहले 24-घंटे इंतज़ार करने को कहें ताकि वे इंपल्सिव शॉपिंग न करें।